गाया है लता ने। लिखा है मज़रूह ने। गीतायन पर खोजें

असल में

रहें न रहें हम, महका करेंगे
बनके कली बनके सबा बाग़े-वफ़ा में

Srinivas Ganti ने जैसा सुना/समझा
रहें न रहें हम, महका करेंगे
*बन* (forest) के कली *बन* के सबा बाग़े-वफ़ा में

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